आजकल ज्यादातर प्रीमियम स्मार्टफोन्स और लैपटॉप्स में USB Type-C पोर्ट देखने को मिलता है। ऐसे में कई बार हम सोचते हैं कि जब हमारे पास 100W का भारी-भरकम लैपटॉप चार्जर मौजूद है, तो फोन के साथ आने वाले छोटे एडॉप्टर की क्या जरूरत? लेकिन जैसे ही आप उस पावरफुल चार्जर को अपने मोबाइल से कनेक्ट करते हैं, फोन बेहद धीमी रफ्तार से चार्ज होने लगता है। दरअसल, इसके पीछे फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी और चार्जिंग प्रोटोकॉल का एक जटिल खेल छुपा हुआ है, जिसे समझना बेहद दिलचस्प है।
जब भी आप किसी आधुनिक चार्जर को फोन से जोड़ते हैं, तो बिजली का प्रवाह तुरंत शुरू नहीं होता। सबसे पहले चार्जर और फोन के अंदर मौजूद चिप्स आपस में बातचीत करते हैं, जिसे टेक की भाषा में 'हैंडशेक' कहा जाता है। इस प्रक्रिया में फोन चार्जर को बताता है कि वह अधिकतम कितनी बिजली सुरक्षित रूप से स्वीकार कर सकता है।
यदि चार्जर और फोन एक ही भाषा यानी एक ही फास्ट चार्जिंग प्रोटोकॉल को नहीं समझते, तो सुरक्षा कारणों से पावर डिलीवरी सबसे निचले स्तर पर आ जाती है।
सुरक्षा सर्वोपरि है; सही प्रोटोकॉल न मिलने पर चार्जर फोन को नुकसान से बचाने के लिए सबसे धीमी गति चुनता है।
ज्यादातर 100W लैपटॉप चार्जर USB Power Delivery (USB PD) मानक का उपयोग करते हैं। यह मानक उच्च वोल्टेज (जैसे 19V या 20V) पर काम करता है ताकि लैपटॉप की बड़ी बैटरी को तेजी से ऊर्जा मिल सके। इसके विपरीत, अधिकांश स्मार्टफोन कम वोल्टेज (जैसे 5V या 9V) और अधिक एम्पियर (करंट) पर तेजी से चार्ज होते हैं।
स्मार्टफोन कंपनियां जैसे Xiaomi, OPPO और OnePlus अपनी खुद की प्रोपराइटी चार्जिंग तकनीक का इस्तेमाल करती हैं। ये कंपनियां उच्च वाट क्षमता हासिल करने के लिए अपने खास केबल और एडॉप्टर पर निर्भर रहती हैं।
जब आप 100W का लैपटॉप एडॉप्टर अपने फोन में लगाते हैं, तो फोन प्रोपराइटी सिग्नल न मिलने के कारण बेसिक 5V/2A (10W) या अधिकतम 18W की USB PD स्पीड पर आ जाता है। यही कारण है कि आपका 100W का एडॉप्टर फोन के मामले में सुस्त साबित होता है।
हां, यह पूरी तरह से सुरक्षित है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में ओवर-करंट और ओवर-हीटिंग से बचाव के लिए सुरक्षा तंत्र मौजूद होते हैं। फोन केवल उतनी ही बिजली खींचता है जितनी उसे जरूरत होती है। इसलिए भले ही चार्जर 100 वाट का हो, वह आपके फोन को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा, भले ही वह धीमी गति से चार्ज करे।
क्या आपने कभी अपने लैपटॉप चार्जर से फोन चार्ज करने की कोशिश की है? आपका अनुभव कैसा रहा, नीचे कमेंट्स में जरूर शेयर करें!









